Monday, 9 April 2012
UPTET : जुलाई में भरे जाएंगे शिक्षकों के पद!
इलाहाबाद। कोई तकनीकी अड़चन न आई तो पूरे तीन बरस बाद जुलाई में बेसिक शिक्षा विभाग को एक लाख 52 हजार नए शिक्षक मिल जाएंगे।
रिक्त पड़े पदों पर भर्ती के लिए जो प्रस्ताव है, उसके मुताबिक जून के अंत तक आवेदन जमा किए जाएंगे और जुलाई में काउंसलिंग होगी। विभाग ने इसके लिए बेसिक तैयारी भी कर ली है। सर्व शिक्षा अभियान ने जिलेवार रिक्तियों का ब्योरा तैयार किया है, साथ ही यह भी कि शिक्षकों की कमी से कितने विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित हुई, कितने स्कूल खुल नहीं सके। विभाग ने रिपोर्ट में टिप्पणी की है कि प्राइमरी स्कूलों में सामान्य तरीके से पढ़ाई के लिए तत्काल एक लाख 52 हजार शिक्षकों की जरूरत है।
रिक्तियों और भर्ती से जुड़ी यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री की पहल पर तैयार की गई है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विभाग के साथ हुई पिछली बैठक में रिक्तियों का विस्तृत ब्योरा बनाने के निर्देश दिए थे। मसलन, स्कूलों में बच्चों की संख्या के अनुपात में किन जिलों में कितने शिक्षकों की जरूरत है, तत्काल कितने शिक्षक रखे जाने जरूरी हैं, प्रशिक्षित शिक्षा मित्रों से कितने पद भरे जा सकते हैं। यह भी कि टीईटी सफल अभ्यर्थियों के चयन का आधार क्या हो और भर्ती से जुड़े जो मामले न्यायालय में लंबित हैं, उनकी स्थिति क्या है। रिपोर्ट तैयार करने वाले सर्व शिक्षा अभियान के बड़े अधिकारियों का कहना है कि एक लाख 52 हजार पदों पर भर्ती का जो ब्योरा तैयार किया गया है, उसे सभी विभागीय विवादों से अलग रखने की कोशिश की गई है। नाम न छापने की शर्त पर अधिकारी ने बताया कि निकाय चुनाव के कारण कोई तकनीकी अड़चन न आई तो 20 जुलाई तक शिक्षकों का चयन कर लिया जाएगा।
News : Amar Ujala (9.4.12)
Tuesday, 3 April 2012
गर्मी और नौकरी के दबाव के आगे टीईटी आंदोलन टॉय टॉय फिस्स हो गया
पौने तीन लाख टीईटी आवेदकों में से उत्तीर्ण 72 हजार टीईटी बेरोजगारों के भाग्य का फैसला अब कोर्ट पर टिक गया है। टीईटी बेरोजगारों के आमरण अनशन के चौथे ही दिन सोमवार को आंदोलन समाप्त हो गया। सरकार के दबाव के आगे टीईटी आंदोलनकारियों को झुकना पड़ा जबकि अब गेंद न्यायालय के पाले में चली गई है।
टीईटी आंदोलन के चौथे दिन 18 आमरण अनकारियों में से ज्यादातर को अस्पताल का रास्ता दिखाना पड़ा। गर्मी और नौकरी के दबाव के आगे टीईटी आंदोलन टॉय टॉय फिस्स हो गया। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बीती रात जहां माइक छीन लिया वहीं सोमवार की सुबह से ही धरना को हटाने की रणनीति पर काम शुरू हो गया। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिलाया गया कि अगली पांच अप्रैल को शासन से वार्ता कराई जाएगी। इसके बाद आंदोलन आानन- फानन में समाप्त हो गया। प्रशासन ने छह अप्रैल को शासन से वार्ता का समय दिया लेकिन आवेदकों का कहना था कि वह केवल न्याय की उम्मीद में धरने में बैठे हैं। ऐसे में बीते अनुभव को देखते हुए लिखित आश्वासन पर ही प्रदर्शन समाप्त होगा। उधर धूप के कारण अनशनकारियों की हालत बिगड़ने लगी। उधर ज्यादातर आंदोलनकारियों का कहना था कि इतना लम्बा संघर्ष व्यर्थ गया। वह प्रतिनिधियों के फैसले से रुष्ट थे। उम्मीद की जा रही है कि अब कोर्ट का दरवाजा ही टीईटी आवेदकों की आखिरी उम्मीद है।
शिक्षा सेवा नियमावली बदलने की प्रक्रिया शुरू
लखनऊ। मायावती सरकार के दो महत्वपूर्ण निर्णय को और बदलने की कवायद शासन स्तर पर शुरू कर दी गई है। इसमें उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा अध्यापक सेवा नियमावली और स्थानांतरण नियमावली को बदल कर पूर्व की तरह करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सेवा नियमावली में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) मेरिट से शिक्षकों की भर्ती और स्थानांतरण नियमावली में अंतरजनपदीय तबादले का प्रावधान कर दिया गया था।
यूपी के बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त 72 हजार 825 पदों पर भर्ती के लिए मानक बदल दिए गए थे। यूपी में पहले शिक्षकों की भर्ती शैक्षिक मेरिट के आधार पर होती थी, लेकिन नियमावली में संशोधन कर इसे टीईटी मेरिट पर कर दिया गया। इस आदेश के बाद टीईटी परीक्षा परिणाम में धांधली का खुलासा हुआ। इसलिए बेसिक शिक्षा निदेशालय ने शासन के निर्देश पर शिक्षा सेवा नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव भेजा था। शिक्षकों को मनचाहे जिलों में स्थानांतरण देने के लिए भी नियमावली बदल दी गई थी। इसमें प्रावधान कर दिया गया कि शिक्षक पूरे सेवाकाल में एक बार जिस जिले में चाहेगा, स्थानांतरण ले सकेगा। इस नियमावली के आधार पर स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। इसमें करीब 62 हजार शिक्षकों ने आवेदन कर रखा है। अब इस नियमावली को भी बदला जा रहा है, ताकि एक साथ इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों का तबादला न किया जाए। शिक्षकों का तबादला होने से जिलों में शिक्षकों की कमी हो जाती।
Monday, 2 April 2012
शिक्षकों के रिक्त पदों का फिर से तैयार होगा ब्यौरा
पुरानी भर्ती प्रक्रिया निरस्त कर नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति बनी हैलखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद में रिक्त सहायक अध्यापकों का ब्योरा फिर से तैयार किया जाएगा। रिक्तियों का ब्योरा मिलने के बाद शिक्षकों की भर्ती के लिए भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय से नए सिरे से अनुमति मांगी जाएगी। शिक्षकों के रिक्त पदों का ब्योरा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों से शीघ्र ही मांगा जाएगा। शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) देश के सभी राज्यों को बीएड डिग्रीधारकों को प्राइमरी स्कूलों में सीधे शिक्षक रखने की अनुमति दी थी। इसके लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य करते हुए यह भर्ती 1 जनवरी 2012 तक करने की अनुमति दी गई थी। मायावती सरकार ने इसके आधार पर 72 हजार 825 सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए आवेदन मांगा था, लेकिन भर्ती प्रक्रिया शुरू होती इससे पहले आचार संहिता लागू हो गई और टीईटी में धांधली उजागर हो गई। इसके चलते पुरानी भर्ती प्रक्रिया निरस्त कर नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति बनी है। शिक्षकों की भर्ती के लिए नए सिरे से रिक्तियों का ब्योरा तैयार किया जाएगा। इसके बाद वास्तविक जरूरत के आधार पर ही भारत सरकार से शिक्षकों की भर्ती की अनुमति मांगी जाएगी। इससे पहले शिक्षकों की भर्ती के लिए पुरानी व्यवस्था लागू करने के लिए उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा नियमावली को संशोधित कर लिया जाएगा। इसमें भर्ती प्रक्रिया शैक्षिक मेरिट के आधार पर ही करने का प्रावधान कर दिया जाएगा।
Wednesday, 28 March 2012
शिक्षक भर्ती प्रक्रिया हो सकती है निरस्त
लखनऊ, 28 मार्च (जागरण ब्यूरो) : बेसिक शिक्षा परिषद के संचालित प्राथमिक स्कूलों में 72,825 शिक्षकों की भर्ती के सिलसिले में लंबित चयन प्रक्रिया निरस्त की जा सकती है। शिक्षकों की भर्ती के लिए अनिवार्य अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के परीक्षा परिणाम में धांधली उजागर होने से इसकी शुचिता तार-तार हो चुकी है।
ऐसे में शासन स्तर पर बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों के बीच शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करने के बारे में सहमति बनी है। सूत्रों के मुताबिक भर्ती प्रक्रिया को रद करने के बारे में बेसिक शिक्षा निदेशालय से प्रस्ताव मांगा गया है।
भर्ती प्रक्रिया को रद करने के बाद नए सिरे से शिक्षकों की नियुक्ति के लिए टीईटी की मेरिट को ही चयन का आधार बनाने के बसपा सरकार के निर्णय को भी बदला जाना तय है।
शासन स्तर पर बेसिक शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच विचार विमर्श में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करने पर सहमति बनी है। एनसीटीई की अधिसूचना के मुताबिक इन 72,825 पदों पर बीएड डिग्रीधारक अभ्यर्थियों की नियुक्ति एक जनवरी 2012 तक हो जानी चाहिए थी जो कि न हो सकी। शिक्षकों की भर्ती में भ्रष्टाचार उजागर होने से बेसिक शिक्षा विभाग की काफी किरकिरी हो चुकी है। इस मुद्दे पर कई महीनों से गतिरोध व अनिर्णय की स्थिति बने रहने से अभ्यर्थी भी संशय और दुविधा का सामना कर रहे हैं। यह भी माना जा रहा है कि बसपा सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई भर्ती प्रक्रिया पर भ्रष्टाचार के जो दाग लगे हैं, नई सरकार उससे दामन दागदार नहीं करना चाहेगी। इसलिए बेसिक शिक्षा विभाग ने त्वरित कार्यवाही करने का मन बनाया है।
Source Dainik Jagran
दिन भर भूखे रहे यूपीटीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी
उन्नाव, जागरण संवाददाता : हाल ही में नियुक्ति की मांग कर प्रदर्शन कर रहे यूपीटीईटी परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों पर लखनऊ में हुए बर्बर लाठीचार्ज और भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाये जाने के विरोध में मंगलवार टीईटी उत्तीर्ण छात्रों द्वारा निराला उद्यान में एक दिवसीय अनशन व धरना दिया गया। इस बीच अभ्यर्थियों ने सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया को बहाल किये जाने की मांग की है।
मंगलवार यूपीटीईटी उत्तीर्ण संघर्ष मोर्चा के बैनर तले अभ्यर्थियों ने प्रदेश सरकार के निर्णय के विरोध स्वरूप एक दिवसीय अनशन व धरना दिया। इसकी अगुवाई कर रहे अमित त्रिपाठी ने कहा कि 20 मार्च को शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे निर्दोष टीईटी अभ्यर्थियों के साथ पुलिस ने बर्बरता पूर्वक व्यवहार किया। प्रदेश सरकार को चाहिए कि वह इस घटना के दोषी अधिकारियों के विरूद्ध तत्काल कार्रवाई करे। वैसे भी शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर सरकार द्वारा लगायी गई रोक को तत्काल हटाया जाये ताकि अभ्यर्थियों को मानसिक, आर्थिक और शारीरिक शोषण का सामना न करना पड़े। वहीं शिक्षकों की भर्ती भी केवल टीईटी मेरिट के आधार पर ही की जाये क्यों कि प्रदेश में विभिन्न बोर्ड से उत्तीर्ण छात्रों की मेरिट भी भिन्न होती है इससे मूल्यांकन प्रक्रिया में जमीन आसमान का अंतर आ जाता है।
अनशन का संचालन कर रहे अतुल तिवारी ने सरकार के मौजूदा रवैये को टीईटी उत्तीर्ण छात्र विरोधी करार देते हुए कहा कि हम सभी को इसके खिलाफ आंदोलन चलाना होगा यह आंदोलन न्याय मिलने तक जारी रहेगा।
टीईटी मेरिट पर नहीं होगी शिक्षकों की भर्ती
यूपी में बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के लिए मायावती सरकार द्वारा किए गए एक महत्वपूर्ण निर्णय को पलटने की तैयारी है। इन स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) मेरिट के आधार पर न करके शैक्षणिक मेरिट के आधार पर पूर्व की तरह ही की जाएगी। इसके लिए उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा अध्यापक सेवा नियमावली को संशोधित किया जाएगा।
माया सरकार भर्ती के लिए मानक बदल दिया
सचिव बेसिक शिक्षा सुशील कुमार ने मंगलवार को विभागीय अधिकारियों के साथ पहली बैठक में इस संबंध में निर्देश दे दिया है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने शिक्षकों की भर्ती के लिए टीईटी अनिवार्य किया है। एनसीटीई की 23 अगस्त, 2010 को जारी अधिसूचना में स्पष्ट कहा गया है कि यह पात्रता परीक्षा होगी। इसे पास करने वाला ही शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकता है, लेकिन मायावती सरकार ने प्राइमरी स्कूलों में 72 हजार 825 शिक्षकों की भर्ती के लिए मानक ही बदल दिया।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक गिरफ्तार किए गए
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा अध्यापक सेवा नियमावली में शिक्षकों की भर्ती टीईटी मेरिट के आधार पर करने की व्यवस्था कर दी गई। टीईटी में पात्रता के स्थान पर अर्हता किए जाने के बाद हुई धांधली के चलते माध्यमिक शिक्षा निदेशक संजय मोहन गिरफ्तार भी किए जा चुके हैं। सचिव बेसिक शिक्षा ने मंगलवार को अधिकारियों के साथ बैठक में सबसे पहले समीक्षा के दौरान टीईटी और शिक्षकों की भर्ती के बारे में जानकारी प्राप्त की।
Sunday, 25 March 2012
बीएड बेरोजगारों की पल्हना में बैठक
पल्हना(आजमगढ़): प्राथमिक विद्यालय ताहिरपुर में रविवार को बीएड बेरोजगारों की बैठक हुई। अध्यक्षता कर रहे उमेश मौर्या ने कहा कि पिछली सरकार में टीईटी परीक्षा में चपरासी से लेकर अधिकारी तक भ्रष्टाचार में लिप्त पाये गये। इसलिए नई सरकार से अपेक्षा है कि टीईटी परीक्षा को रद्द करके सीधी भर्ती प्रक्रिया अपनाये और मेरिट के आधार पर भर्ती शुरू हो। इस अवसर पर राजदेव, प्रमोद सरोज, अरुण सिंह, अजय, बबलू राम, अशोक मौर्य, राजकुमार यादव, सुनील राम, मीनू सिंह, नरेंद्र मौर्य, संजीत आदि उपस्थित थे
Saturday, 24 March 2012
बदल सकता है शिक्षकों की भर्ती का मानक
लखनऊ (एसएनबी)। प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती का मानक बदलना तय है। अब शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की मेरिट की बजाय पांच गुणांक की मेरिट से शिक्षकों की भर्ती हो सकती है।
बेसिक शिक्षा से जुड़े अफसरों ने इसकी कवायद शुरू कर दी है। फिलहाल अंतिम निर्णय विभागीय मंत्री की मंजूरी के बाद कैबिनेट से होगा। उल्लेखनीय है कि सूबे में मायावती सरकार ने आरटीई तो लागू कर दिया था, लेकिन परिषदीय स्कूलों में 72528 और सम्बद्ध प्राइमरी में आठ हजार से ज्यादा शिक्षकों के पद रिक्त हैं। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ने सूबे को विशिष्ट बीटीसी की मंजूरी देने की बजाय राज्य स्तर पर शिक्षक पात्रता परीक्षा को मानक बनाने की मंजूरी दे दी। आरटीई के तहत शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए पूर्व सरकार को 31 दिसम्बर 2011 तक की मोहलत मिली, लेकिन अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर लगातार मानक बदलते गये। पहले तो विशिष्ठ बीटीसी की भांति चार गुणांक का आधार बनाने की सहमति बनी। राज्य मंत्रिमण्डल से इसकी मंजूरी भी मिल गयी, लेकिन जब नियुक्ति की बारी आयी तो तत्कालीन बेसिक शिक्षा सचिव ने शिक्षक भर्ती के मानक को टीईटी की मेरिट बना दिया और इसका शासनादेश जारी करके आयोजक माध्यमिक शिक्षा परिषद व सचिव को इसी के मुताबिक भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिये। 13 नवम्बर 2011 को टीईटी परीक्षा और 25 नवम्बर को 2011 को टीईटी का रिजल्ट घोषित हो गया, इसी बीच परीक्षा में सवाल विभाग के गले की फांस बन गये। राज्य सरकार ने दिसम्बर में भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया, लेकिन सवालों के जवाब को लेकर अभ्यर्थी कोर्ट गये और आगे की प्रक्रिया कोर्ट के आदेश पर चली, इसी बीच सूबे में 24 दिसम्बर से चुनाव आचार संहिता लागू हो गयी। राज्य सरकार को शिक्षकों की भर्ती के लिए दो महीने की मोहलत तो मिली है,
लेकिन अब भर्ती का मानक बदलने की कवायद शुरू हो गयी है। शासन के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि अब फिर पांच गुणांक की मेरिट से भर्ती की प्रक्रिया पूरी होगी।
इसके तहत हाईस्कूल, इंटर, स्नातक, बीएड और टीईटी की मेरिट को मिलाकर अलग से मेरिट बनायी जा सकती है। इसके लिए अफसरों ने विभागीय स्तर पर मंथन शुरू कर दिया है। माध्यमिक शिक्षा परिषद के अधिकारी भी दबी जुबान से मेरिट का मानक बदलने की बात कर रहे हैं।
एक अधिकारी ने कहा कि वैसे भी यह पूरा मामला बेसिक शिक्षा परिषद का है, इसके बारे में पहले ही मानक तय कर लेने थे। उल्लेखनीय है कि नये शैक्षिक सत्र से शिक्षकों के पद रिक्त होने पर राज्य सरकार को आरटीई के तहत मिलने वाली मदद में कटौती की जा सकती है और यह धनराशि करोड़ों में होगी। इसका असर राज्य के सर्व शिक्षा अभियान पर भी पड़ेगा और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद नये मानक भी थोप सकती है। अभी तक राज्य को आरटीई लागू करने के लिए 65 फीसद केन्द्रांश व 35 फीसद राज्यांश मिलना है। अब पांच गुणांक की मेरिट से भर्ती की कवायद प्राइमरी स्कूलक्ष्/द्रऊ
Friday, 23 March 2012
नौकरियों के लिए पंजीकरण जरूरी
लखनऊ (एसएनबी)। प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री डा. वकार अहमद शाह ने बृहस्पतिवार को यहां कहा कि सरकारी नौकरियों के लिए सेवायोजन कार्यालयों में पंजीकरण शीघ्र ही अनिवार्य किया जाएगा। इससे जहां प्रदेश के बेरोजगारों का सही आंकड़ा सामने आ सकेगा वहीं उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने में भी आसानी होगी। इसके अलावा सरकार सभी दुकानों एवं असंगठित क्षेत्र के मजदूरों का भी पंजीकरण कराएगी। दुकानों के पंजीकरण के लिए प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों में कैंप लगाये जाएंगे। यह जानकारी श्रम एवं सेवायोजन मंत्री डा. शाह ने ‘राष्ट्रीय सहारा’ को एक बातचीत में दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने की है। इस दिशा में पहला सार्थक कदम बेरोजगारों का सही आंकड़ा इकट्ठा करना है। इसके लिए सेवायोजन कार्यालयों में पंजीकरण अनिवार्य किया जाएगा। बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने के प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार जिन बेरोजगारों को (शेष पेज 2) सभी दुकानों व असंगठित क्षेत्र के मजदूरों का भी होगा सेवायोजन कार्या लय में पंजीकरण
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